पश्चिम बंगाल 2006 का नक्शा लोड हो रहा है…
पार्टी के हिसाब से सीटें
CPM: 176 सीटें (59.9%)AITC: 30 सीटें (10.2%)AIFB: 23 सीटें (7.8%)INC: 21 सीटें (7.1%)RSP: 20 सीटें (6.8%)CPI: 8 सीटें (2.7%)IND: 6 सीटें (2.0%)WBSP: 4 सीटें (1.4%)अन्य (4 पार्टियाँ): 6 सीटें — GNLF 3, DSP(P) 1, JKP(N) 1, RJD 1बहुमत के लिए 148294सरकार बनाने के लिए 148
  • CPM17659.9%
  • AITC3010.2%
  • AIFB237.8%
  • INC217.1%
  • RSP206.8%
  • CPI82.7%
  • निर्दलीय62.0%
  • WBSP41.4%
  • अन्य62.0%
चुनाव की कहानी

इस बार अपने दम पर बहुमत

क्या हुआ

कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) आराम से दोबारा जीती, और सत्ता में उसका लंबा दौर जारी रहा।

माकपा ने कुल 294 सीटों में से 176 सीटें जीतीं।

इस तरह सरकार चला रही पार्टी लगातार 7 चुनाव जीत चुकी थी।

उसके 37.1% रहा।

क्या बदला

इस बार माकपा की अपनी सीटें ही सहयोगियों की मदद के बिना सरकार बनाने के लिए काफ़ी थीं।

माकपा अपने दम पर बहुमत के 148 सीटों के आँकड़े से 28 सीटें आगे निकल गई।

उसके सहयोगी दलों के बड़े समूह ने इसमें और भी सीटें जोड़ीं।

अहम आँकड़े

उस चुनाव के कुछ आँकड़े अलग से ध्यान खींचते हैं।

सबसे क़रीबी मुक़ाबला हरिहरपाड़ा, पश्चिम बंगाल में हुआ, जहाँ सिर्फ़ 97 वोट रहा।

दूसरे छोर पर, कर्सियांग, पश्चिम बंगाल 80.8% वोट के बड़े अंतर से जीती गई।

में बड़ा फ़र्क़ रहा: सबंग, पश्चिम बंगाल में यह 94.2% रहा, जबकि बड़ाबाज़ार, पश्चिम बंगाल में सिर्फ़ 42.1%।

सबसे भीड़ वाला मुक़ाबला बड़ाबाज़ार, पश्चिम बंगाल में था, जहाँ 13 उम्मीदवार मैदान में थे।

पृष्ठभूमि

इस जीत से 1977 में पहली बार सत्ता में आई सरकार का दौर और आगे बढ़ा।

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RBI 2024-25

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