एगराविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
अधिकारी शिशिर कुमार (AITC) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 48.0% वोट पाकर एगरा सीट जीती और सिन्हा प्रबोध चन्द्र (DSP(P)) को 1,590 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 213 नारायणगढ़ थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 213 कांथी उत्तर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
एगरा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,590 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अधिकारी शिशिर कुमार TMC-led Alliance (2006 Mahajot) (NDA गठबंधन) | TMC-led Alliance (2006 Mahajot) (NDA गठबंधन) | 67,78648.0% |
| 2 | सिन्हा प्रबोध चन्द्र DSP(P) | DSP(P) | 66,19646.9% |
| 3 | छामचुल आलम खान | 2,9642.1% | |
| 4 | जगदीश साउ निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9212.1% |
| 5 | रतन शीट STPI | STPI | 1,3340.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AITC और DSP(P) को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.22 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
एगरा से कौन जीता, 1977–2006
AITC ने यह सीट एक निर्दलीय उम्मीदवार से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह AITC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 83.9% से बढ़कर 89.8% हो गया।
- 1977प्रबोध चन्द्र सिन्हा (JNP), जीत का अंतर 52.3%
- 1982सिन्हा प्रबोध चन्द्र (IND), जीत का अंतर 10.9%
- 1987सिन्हा प्रबोध चन्द्र (IND), जीत का अंतर 8.8%
- 1991सिन्हा प्रबोध चन्द्र (CPM), जीत का अंतर 3.9%
- 1996सिन्हा प्रबोध चन्द्र (CPM), जीत का अंतर 9.7%
- 2001सिन्हा प्रबोध चन्द्र (IND), जीत का अंतर 2.8%
- 2006अधिकारी शिशिर कुमार (AITC), जीत का अंतर 1.1%