नादनघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
स्वपन देबनाथ (AITC) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 49.6% वोट पाकर नादनघाट सीट जीती और रतन दास (CPM) को 9,758 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 277 रामपुरहाट थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 277 दुर्गापुर पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | स्वपन देबनाथ TMC-led Alliance (2006 Mahajot) (NDA गठबंधन) | TMC-led Alliance (2006 Mahajot) (NDA गठबंधन) | 84,79049.6% |
| 2 | रतन दास वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 75,03243.9% |
| 3 | बागबुल इस्लाम PDS | PDS | 4,6752.7% |
| 4 | कनाई लाल पाण्डेय | 2,2491.3% | |
| 5 | अन्नदा प्रसाद भट्टाचार्य CPI(M)(L) | CPI(M)(L) | 2,1401.3% |
| 6 | बिरजेन चाल निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0061.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AITC और CPM को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.27 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नादनघाट से कौन जीता, 1977–2006
AITC ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह AITC की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 2001 के 86.0% से बढ़कर 91.0% हो गया।