रानीबांधविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
देबलीना हेम्ब्रम (CPM) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 45.4% वोट पाकर रानीबांध सीट जीती और आदित्य किस्कू (JKP(N)) को 10,890 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 246 बाराबनी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 246 रघुनाथपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देबलीना हेम्ब्रम वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 52,82745.4% |
| 2 | आदित्य किस्कू JKP(N) | JKP(N) | 41,93736.0% |
| 3 | मैना सरेन | 13,29111.4% | |
| 4 | रामकृष्ण मुदि निर्दलीय | निर्दलीय | 3,6083.1% |
| 5 | जलेश्वर सरेन | 3,0192.6% | |
| 6 | बिस्वनाथ मान्डि JDP | JDP | 1,8061.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, JKP(N) और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.86 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रानीबांध से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी सातवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 57.8% से घटकर 45.4% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 64.9% से बढ़कर 80.1% हो गया।