खेजुरीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
स्वदेश पात्र (WBSP) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 57.8% वोट पाकर खेजुरी सीट जीती और डॉ. पार्थ प्रतीम दास (AITC) को 23,381 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 209 शालबनी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 209 हल्दिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — स्वदेश पात्र 18.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | स्वदेश पात्र WBSP वाम मोर्चा | WBSP वाम मोर्चा | 73,31757.8% |
| 2 | डॉ. पार्थ प्रतीम दास | 49,93639.4% | |
| 3 | मानस कुमार मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8261.4% |
| 4 | सुधीर रंजन दास SHSP | SHSP | 1,7291.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
WBSP और AITC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
खेजुरी से कौन जीता, 1977–2006
WBSP ने 2001 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.7% से बढ़कर 57.8% हो गया। यह 1987 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2001 के 86.0% से बढ़कर 92.2% हो गया।