नंदीग्रामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
इलियास महम्मद सेख (CPI) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 48.7% वोट पाकर नंदीग्राम सीट जीती और सेख सुपियान (AITC) को 4,823 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 206 केशपुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 206 मयना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। इलियास महम्मद सेख 3.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | इलियास महम्मद सेख वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 69,37648.7% |
| 2 | सेख सुपियान | 64,55345.3% | |
| 3 | अनवर अली सेख | 4,9433.5% | |
| 4 | भवानी प्रसाद दास निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1671.5% |
| 5 | आदित्य कुमार बेरा निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3831.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI और AITC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.25 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नंदीग्राम से कौन जीता, 1977–2006
CPI ने 2001 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 51.5% से घटकर 48.7% रह गया। मतदान प्रतिशत 2001 के 81.3% से बढ़कर 88.0% हो गया।