चौरंगीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
सुब्रत बख्शी (AITC) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 38.2% वोट पाकर चौरंगी सीट जीती और नारायण जैन (CPM) को 2,210 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 146 विद्यासागर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 146 बिशनुपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सुब्रत बख्शी 3.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुब्रत बख्शी TMC-led Alliance (2006 Mahajot) (NDA गठबंधन) | TMC-led Alliance (2006 Mahajot) (NDA गठबंधन) | 23,00038.2% |
| 2 | नारायण जैन वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 20,79034.5% |
| 3 | सुब्रत मुखार्जी | 15,21325.3% | |
| 4 | रघुनाथ भौमिक निर्दलीय | निर्दलीय | 4370.7% |
| 5 | करण सिंह IJP | IJP | 2000.3% |
| 6 | पन्नालाल चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 1980.3% |
| 7 | मो. मुस्तफा निर्दलीय | निर्दलीय | 1380.2% |
| 8 | बिस्वनाथ पोटोदेइया निर्दलीय | निर्दलीय | 1360.2% |
| 9 | आदित्य नियोगी निर्दलीय | निर्दलीय | 1130.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.04 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चौरंगी से कौन जीता, 1977–2006
AITC ने 2001 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 66.6% से घटकर 38.2% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 42.1% से बढ़कर 51.0% हो गया।
- 1977संदिप दास (JNP), जीत का अंतर 5.9%
- 1982शिशिर कुमार बोस (INC), जीत का अंतर 18.8%
- 1987देबी प्रसाद चट्टोपाध्याय (INC), जीत का अंतर 27.7%
- 1991सिध्दार्थ शंकर राय (INC), जीत का अंतर 24.1%
- 1996सुबरता मुखार्जी (INC), जीत का अंतर 35.7%
- 2001सुब्रत मुखार्जी (AITC), जीत का अंतर 42.5%
- 2006सुब्रत बख्शी (AITC), जीत का अंतर 3.7%