चौरंगीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
सिध्दार्थ शंकर राय (INC) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 55.8% वोट पाकर चौरंगी सीट जीती और अशोक मित्र (CPM) को 16,833 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 146 विद्यासागर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 146 बिशनुपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सिध्दार्थ शंकर राय 24.1% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सिध्दार्थ शंकर राय | 38,86655.8% | |
| 2 | अशोक मित्र वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 22,03331.6% |
| 3 | सब्यसाचि बागची | 8,33912.0% | |
| 4 | सक्कल देब शर्मा निर्दलीय | निर्दलीय | 1830.3% |
| 5 | राजरणछोड़ चन्द भंडारी निर्दलीय | निर्दलीय | 830.1% |
| 6 | एम. ई. चन्द निर्दलीय | निर्दलीय | 810.1% |
| 7 | विजय कुमार गौड़ निर्दलीय | निर्दलीय | 540.1% |
| 8 | अरुण बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 480.1% |
| 9 | सुरेन्द्र नाथ मित्र निर्दलीय | निर्दलीय | 300.0% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPM और BJP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चौरंगी से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1982 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 62.2% से घटकर 55.8% रह गया। मतदान प्रतिशत 1987 के 58.6% से घटकर 55.8% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी INC ने यह सीट अपने पास रखी।
- 1977संदिप दास (JNP), जीत का अंतर 5.9%
- 1982शिशिर कुमार बोस (INC), जीत का अंतर 18.8%
- 1987देबी प्रसाद चट्टोपाध्याय (INC), जीत का अंतर 27.7%
- 1991सिध्दार्थ शंकर राय (INC), जीत का अंतर 24.1%
- 1996सुबरता मुखार्जी (INC), जीत का अंतर 35.7%
- 2001सुब्रत मुखार्जी (AITC), जीत का अंतर 42.5%
- 2006सुब्रत बख्शी (AITC), जीत का अंतर 3.7%