फांसीदेवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
किस्कू छोटन (CPM) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 50.2% वोट पाकर फांसीदेवा सीट जीती और मामला कुजूर (INC) को 35,504 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 26 ग्वालपोखर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 26 सिलीगुड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — किस्कू छोटन 19.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | किस्कू छोटन वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 93,68950.2% |
| 2 | मामला कुजूर | 58,18531.2% | |
| 3 | दिला साइबो | 14,7887.9% | |
| 4 | रामगणेश बड़ाईक निर्दलीय | निर्दलीय | 8,3374.5% |
| 5 | ईश्वरीदान गुड़िया GNLF | GNLF | 4,5562.4% |
| 6 | रेंगता मुर्मू CPI(M)(L) | CPI(M)(L) | 2,3651.3% |
| 7 | सुधीर हाँसदा | 2,3461.3% | |
| 8 | महेन्द्र भगत निर्दलीय | निर्दलीय | 2,2731.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और BJP को 89% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
फांसीदेवा से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी सातवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 47.5% से बढ़कर 50.2% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2001 के 71.8% से बढ़कर 84.4% हो गया।