सिउड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
तपन राय (CPM) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 48.5% वोट पाकर सिउड़ी सीट जीती और स्वपन कान्ति घोष (INC) को 20,375 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 288 नहीं थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 288 लाभपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
14.4% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तपन राय वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 68,54548.5% |
| 2 | स्वपन कान्ति घोष | 48,17034.1% | |
| 3 | चट्टराज सुनीति | 17,42212.3% | |
| 4 | बिसू हाँसदा निर्दलीय | निर्दलीय | 2,0491.4% |
| 5 | दिलीप कुमार बागदी | 2,0321.4% | |
| 6 | बागल मार्डी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9931.4% |
| 7 | गोसाई चन्द्र गराई AMB | AMB | 1,0760.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और AITC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.72 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिउड़ी से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने 2001 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 46.0% से बढ़कर 48.5% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2001 के 75.3% से बढ़कर 84.0% हो गया।