सिउड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1987
तपन राय (CPM) ने 1987 के विधान सभा चुनाव में 50.9% वोट पाकर सिउड़ी सीट जीती और चट्टोराज सुनीति (INC) को 5,107 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में कोई सीट नंबर 288 नहीं थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 288 लाभपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
5.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तपन राय वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 50,86550.9% |
| 2 | चट्टोराज सुनीति | 45,75845.8% | |
| 3 | ब्रज गोपाल साहा SUC | SUC | 2,1772.2% |
| 4 | मंडल गणपति निर्दलीय | निर्दलीय | 3480.3% |
| 5 | मिहिर मुखार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 3120.3% |
| 6 | पार्थ सेन निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.2% |
| 7 | पन्नालाल घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 1930.2% |
| 8 | शेख अहम्मद मंज़ूराम | 550.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.13 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सिउड़ी से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 1982 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह CPM की पहली जीत थी। मतदान प्रतिशत 1982 के 76.5% से बढ़कर 77.1% हो गया। इसके बाद 1991 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।