पुरशुड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
सौमेंद्रनाथ बेरा (CPM) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 59.4% वोट पाकर पुरशुड़ा सीट जीती और सेख परवेज़ रहमान (AITC) को 34,962 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 192 महिषादल थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 192 पांडुआ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सौमेंद्रनाथ बेरा 24.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सौमेंद्रनाथ बेरा वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 84,28959.4% |
| 2 | सेख परवेज़ रहमान | 49,32734.8% | |
| 3 | असित दास | 8,2985.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM और AITC को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.10 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पुरशुड़ा से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यहाँ लगातार पाँचवीं बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1987 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 66.9% से घटकर 59.4% रह गया। मतदान प्रतिशत 2001 के 84.9% से बढ़कर 89.6% हो गया।