मालदाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
शुभेंदु चौधुरी (CPM) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 41.0% वोट पाकर मालदा सीट जीती और भूपेन्द्र नाथ हालदार (अर्जुन) (INC) को 11,336 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 45 कालियाचक थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 45 चांचल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शुभेंदु चौधुरी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 63,65441.0% |
| 2 | भूपेन्द्र नाथ हालदार (अर्जुन) | 52,31833.7% | |
| 3 | दुलाल सरकार | 30,05319.4% | |
| 4 | द्विजेन बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,1472.0% |
| 5 | अमल बर्मन | 3,0612.0% | |
| 6 | तपेश सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,8131.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.11 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मालदा से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने 2001 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 44.6% से घटकर 41.0% रह गया। मतदान प्रतिशत 2001 के 77.6% से बढ़कर 84.3% हो गया।