रायगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
चित्ता रंजन राय (INC) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 46.7% वोट पाकर रायगंज सीट जीती और दिलीप कुमार दास (NCP) को 15,760 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 31 कुशमंडी थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 31 चाकुलिया है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | चित्ता रंजन राय INC + GNLF (UPA गठबंधन) | INC + GNLF (UPA गठबंधन) | 77,78946.7% |
| 2 | दिलीप कुमार दास | 62,02937.2% | |
| 3 | निमाई कबिराज | 10,6606.4% | |
| 4 | सुभाष बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8132.3% |
| 5 | नरेश चन्द्र बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 2,9091.8% |
| 6 | अजीत कुमार दास CPI(M)(L) | CPI(M)(L) | 2,7721.7% |
| 7 | भजगोबिंद बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7131.0% |
| 8 | बिनय कुमार मल्लिक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4040.8% |
| 9 | धनगोपाल बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2350.7% |
| 10 | नागेन्द्र नाथ सरकार | 1,1580.7% | |
| 11 | हरदेब कुमार बर्मन | 1,0940.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, NCP और BJP को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.76 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रायगंज से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1996 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 46.7%। यह 1987 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2001 के 78.0% से बढ़कर 81.6% हो गया।
- 1977खगेंद्र नाथ सिन्हा (CPM), जीत का अंतर 13.0%
- 1982दीपेन्द्र बर्मन (INC), जीत का अंतर 2.0%
- 1987खगेंद्र नाथ सिन्हा (CPM), जीत का अंतर 12.2%
- 1991खगेंद्र नाथ सिन्हा (CPM), जीत का अंतर 4.3%
- 1996दिलीप कुमार दास (INC), जीत का अंतर 1.6%
- 2001चित्तरंजन राय (INC), जीत का अंतर 6.8%
- 2006चित्ता रंजन राय (INC), जीत का अंतर 9.5%