राणाघाट पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
आलोक कुमार दास (CPM) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 42.6% वोट पाकर राणाघाट पश्चिम सीट जीती और शंकर सिंघा (INC) को 181 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 81 अशोकनगर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 81 नाकाशीपाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
राणाघाट पश्चिम का फ़ैसला सिर्फ़ 0.1% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 181 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | आलोक कुमार दास वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 76,10942.6% |
| 2 | शंकर सिंघा | 75,92842.5% | |
| 3 | तापस घोष | 20,37011.4% | |
| 4 | शंकर कर्मकार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,1481.2% |
| 5 | दिलीप जोआरदार | 1,5000.8% | |
| 6 | मदन लाल RSMP | RSMP | 1,3940.8% |
| 7 | अजय भट्टाचार्य निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2900.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और AITC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.67 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राणाघाट पश्चिम से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यह सीट INC से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; CPM ने यहाँ पिछली बार 1991 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 85.0% से बढ़कर 89.2% हो गया।