राणाघाट पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
शंकर सिंघा (INC) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 52.0% वोट पाकर राणाघाट पश्चिम सीट जीती और ज्योतिर्मयी सिकदार (CPM) को 15,711 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 81 अशोकनगर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 81 नाकाशीपाड़ा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
10.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शंकर सिंघा AITC + INC | AITC + INC | 81,05852.0% |
| 2 | ज्योतिर्मयी सिकदार वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 65,34741.9% |
| 3 | चक्रवर्ती सुनील | 5,1283.3% | |
| 4 | सुबोध बोसू | 1,7591.1% | |
| 5 | अतनु तालुकदार PDS | PDS | 1,0290.7% |
| 6 | स्वपन दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 9370.6% |
| 7 | दीपांकर बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 6360.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और CPM को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
राणाघाट पश्चिम से कौन जीता, 1977–2006
INC ने 1996 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.1% से बढ़कर 52.0% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1996 के 86.8% से घटकर 85.0% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में यह सीट CPM ने जीती।