चुंचुड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
नरेन दे (AIFB) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 52.0% वोट पाकर चुंचुड़ा सीट जीती और आशीष सेन (AITC) को 23,801 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 186 घाटल थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 186 श्रीरामपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — नरेन दे 15.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नरेन दे वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 79,67852.0% |
| 2 | आशीष सेन | 55,87736.5% | |
| 3 | केया अधिकारी | 10,9527.2% | |
| 4 | मोतीलाल मंडल | 2,0221.3% | |
| 5 | सत्य गोपाल दे निर्दलीय | निर्दलीय | 1,9451.3% |
| 6 | देबब्रत मुखोपाध्याय | 1,9181.3% | |
| 7 | पी. रामलिंगमा मुदलिरा निर्दलीय | निर्दलीय | 8680.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AIFB, AITC और INC को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.45 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
चुंचुड़ा से कौन जीता, 1977–2006
AIFB ने यह सीट FBL से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह AIFB की पहली जीत थी। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2001 के 76.7% से बढ़कर 79.4% हो गया।