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पश्चिम बंगाल · विधान सभा सीट नंबर 186

चुंचुड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991

नरेन दे (FBL) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 43.5% वोट पाकर चुंचुड़ा सीट जीती और तपन दासगुप्ता (INC) को 2,181 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 186 घाटल थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 186 श्रीरामपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

नरेन दे
FBL
FBL 43.5%INC 41.6%4 अन्य 14.9%
मिले वोट
50,240
मतों का 43.5%
जीत का अंतर
2,181
कुल वोटों का 1.9%
उम्मीदवार
6
मतदान प्रतिशत
73.6%
1,56,852 मतदाताओं में से

चुंचुड़ा का फ़ैसला सिर्फ़ 1.9% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 2,181 से भी कम वोटों का फ़ासला था।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

6 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
नरेन दे
FBL
FBL
50,24043.5%
2
तपन दासगुप्ता
48,05941.6%
3
बिमलेंदु चक्रवर्ती
15,09013.1%
4
मानब बिस्वास
9610.8%
5
ब्योमकेश बंदोपाध्याय
IPF
IPF
8430.7%
6
सुरेन्द्र प्रसाद
2860.3%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
1.9%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
74%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

FBL, INC और BJP को 98% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.63

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
294 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 148

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
43.5%FBL की जीत
FBL 43.5%INC 41.6%BJP 13.1%अन्य 1.8%

यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

चुंचुड़ा से कौन जीता, 1977–2006

1977 से यहाँ हर चुनाव FBL ने जीता है: यह लगातार उसकी चौथी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 53.4% से घटकर 43.5% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1987 के 74.2% से घटकर 73.6% रह गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी FBL ने यह सीट अपने पास रखी।

  1. 1977शंभू चरण घोष (FBL), जीत का अंतर 43.4%
  2. 1982घोष शंभू चरण (FBL), जीत का अंतर 4.0%
  3. 1987नरेन्द्र नाथ दे (FBL), जीत का अंतर 8.3%
  4. 1991नरेन दे (FBL), जीत का अंतर 1.9%
  5. 1996नरेन दे (FBL), जीत का अंतर 0.9%
  6. 2001नरेन दे (FBL), जीत का अंतर 1.3%
  7. 2006नरेन दे (AIFB), जीत का अंतर 15.5%