जलपाईगुड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
देब प्रसाद राय (INC) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 44.6% वोट पाकर जलपाईगुड़ी सीट जीती और गोविन्द राय (AIFB) को 1,018 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 20 कालिम्पोंग थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 20 माल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
जलपाईगुड़ी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.8% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 1,018 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवारनाम पर टैप करें
| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | देब प्रसाद राय INC + GNLF (UPA गठबंधन) | INC + GNLF (UPA गठबंधन) | 54,05144.6% |
| 2 | गोविन्द राय वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 53,03343.7% |
| 3 | पूर्णप्रवा बर्मन | 7,6956.3% | |
| 4 | राजेन्द्र प्रसाद मल्लिक | 1,7481.4% | |
| 5 | सुशील चन्द्र राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4271.2% |
| 6 | भीम चन्द्र राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3891.1% |
| 7 | सुब्रत दत्तगुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3851.1% |
| 8 | बबलू सरकार AMB | AMB | 5560.5% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, AIFB और AITC को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जलपाईगुड़ी से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यह सीट FBL से छीन ली, जिसने इसे 2001 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1996 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 77.2% से बढ़कर 83.5% हो गया।