जलपाईगुड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
अनुपम सेन (INC) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 43.9% वोट पाकर जलपाईगुड़ी सीट जीती और सुधांशु मजूमदार (FBL) को 3,708 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 20 कालिम्पोंग थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 20 माल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। अनुपम सेन 3.4% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | अनुपम सेन | 48,59743.9% | |
| 2 | सुधांशु मजूमदार | 44,88940.5% | |
| 3 | रबीन्द्र नारायण चौधुरी | 6,8946.2% | |
| 4 | मुकुलेश चन्द्र सन्याल FB(S) | FB(S) | 5,4334.9% |
| 5 | क्षितीश चन्द्र मंडल | 2,1401.9% | |
| 6 | सुबरता दत्ता गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1181.0% |
| 7 | शंकर दास CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 9370.8% |
| 8 | अमित मैत्र निर्दलीय | निर्दलीय | 5330.5% |
| 9 | तीर्थ देब राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2820.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, FBL और BJP को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.75 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
जलपाईगुड़ी से कौन जीता, 1977–2006
INC ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 43.9%। मतदान प्रतिशत 1991 के 75.8% से बढ़कर 82.7% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट FBL ने जीती।