सूतीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
जेन आलम मियाँ (RSP) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 46.9% वोट पाकर सूती सीट जीती और मो. सोहराब (INC) को 5,333 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 52 नबग्राम थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 52 मोथाबाड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। जेन आलम मियाँ 4.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जेन आलम मियाँ वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 61,60546.9% |
| 2 | मो. सोहराब | 56,27242.8% | |
| 3 | षष्ठी चरण घोष | 5,9164.5% | |
| 4 | मो. समीरुद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 3,8763.0% |
| 5 | अनेशुर रहमान | 1,8471.4% | |
| 6 | मैनुल हक निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8341.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
RSP, INC और BJP को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.46 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूती से कौन जीता, 1977–2006
RSP ने 2001 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 38.9% से बढ़कर 46.9% हो गया। मतदान प्रतिशत 2001 के 74.8% से बढ़कर 83.2% हो गया।