सूतीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
मो. सोहराब (INC) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 40.2% वोट पाकर सूती सीट जीती और शीश मोहम्मद (RSP) को 431 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 52 नबग्राम थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 52 मोथाबाड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सूती का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 431 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | मो. सोहराब | 46,80040.2% | |
| 2 | शीश मोहम्मद वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 46,36939.9% |
| 3 | चित्ता मुखर्जी | 21,07818.1% | |
| 4 | सुकुमार सरकार निर्दलीय | निर्दलीय | 8570.7% |
| 5 | दास तिलक निर्दलीय | निर्दलीय | 5110.4% |
| 6 | शेख तोता निर्दलीय | निर्दलीय | 4870.4% |
| 7 | सेख वाजिद निर्दलीय | निर्दलीय | 1940.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, RSP और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.83 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सूती से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यह सीट RSP से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1977 में जीत दर्ज की थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 72.7% से बढ़कर 73.7% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट RSP ने जीती।