मयनाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
सेख मुजीबुर रहमान (CPM) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 49.0% वोट पाकर मयना सीट जीती और प्रफुल्ल कुमार बरई (AITC) को 11,074 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 203 पटाशपुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 203 तामलुक है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
7.7% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सेख मुजीबुर रहमान वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 70,54449.0% |
| 2 | प्रफुल्ल कुमार बरई | 59,47041.3% | |
| 3 | माणिक भौमिक | 10,3477.2% | |
| 4 | नकुल जाना निर्दलीय | निर्दलीय | 2,4441.7% |
| 5 | सुनील जाना निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3120.9% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, AITC और INC को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मयना से कौन जीता, 1977–2006
CPM ने यहाँ लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1996 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत लगभग पहले जितना ही रहा: 49.0%। यह 1987 के बाद यहाँ का सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 2001 के 85.3% से बढ़कर 90.0% हो गया।