नाकाशीपाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
कल्लोल खान (AITC) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 45.4% वोट पाकर नाकाशीपाड़ा सीट जीती और एस. एम. सादी (CPM) को 410 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 71 कृष्णनगर पूर्व थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 71 बेलडांगा है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नाकाशीपाड़ा का फ़ैसला सिर्फ़ 0.3% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 410 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | कल्लोल खान TMC-led Alliance (2006 Mahajot) (NDA गठबंधन) | TMC-led Alliance (2006 Mahajot) (NDA गठबंधन) | 63,50545.4% |
| 2 | एस. एम. सादी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 63,09545.1% |
| 3 | घोष ध्रुबज्योति | 4,0912.9% | |
| 4 | जफरुल्ला मोल्ला PBRML | PBRML | 3,5042.5% |
| 5 | आफताब उद्दीन सेख निर्दलीय | निर्दलीय | 3,0252.2% |
| 6 | प्रदीप (काजल) दत्त गुप्ता CPI(M)(L) | CPI(M)(L) | 1,5991.1% |
| 7 | समीर सरकार | 1,1960.8% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AITC, CPM और INC को 93% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
नाकाशीपाड़ा से कौन जीता, 1977–2006
AITC ने 2001 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 41.7% से बढ़कर 45.4% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 2001 के 79.5% से बढ़कर 86.5% हो गया।
- 1977मीर फकीर मोहम्मद (CPM), जीत का अंतर 24.2%
- 1982मीर फकीर मोहम्मद (CPM), जीत का अंतर 11.6%
- 1987सिन्हा संतोष कुमार (CPM), जीत का अंतर 9.8%
- 1991शेक खबीरुद्दीन अहमद (CPM), जीत का अंतर 14.7%
- 1996शेख खबीर उद्दीन अहमद (CPM), जीत का अंतर 1.2%
- 2001कल्लोल खान (AITC), जीत का अंतर 2.7%
- 2006कल्लोल खान (AITC), जीत का अंतर 0.3%