कांथी दक्षिणविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2006
शुभेंदु अधिकारी (AITC) ने 2006 के विधान सभा चुनाव में 50.6% वोट पाकर कांथी दक्षिण सीट जीती और सत्येन्द्र नाथ पंडा (CPI) को 8,580 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 211 खड़गपुर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 211 चंडीपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.3% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
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| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शुभेंदु अधिकारी TMC-led Alliance (2006 Mahajot) (NDA गठबंधन) | TMC-led Alliance (2006 Mahajot) (NDA गठबंधन) | 68,60850.6% |
| 2 | सत्येन्द्र नाथ पंडा वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 60,02844.3% |
| 3 | हरिसाधन दास अधिकारी | 4,3803.2% | |
| 4 | चित्तरंजन जाना निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7581.3% |
| 5 | अधरचन्द्र नाहल निर्दलीय | निर्दलीय | 8420.6% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
साफ़ जीत, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AITC और CPI को 95% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.21 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कांथी दक्षिण से कौन जीता, 1977–2006
AITC ने 2001 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.6% से घटकर 50.6% रह गया। मतदान प्रतिशत 2001 के 79.0% से बढ़कर 88.2% हो गया।