गोघाटविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
राधा कृष्ण पाल (निर्दलीय) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 62.4% वोट पाकर गोघाट सीट जीती और पशुपति भट्टाचार्य (INC) को 9,330 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 103 आमता पश्चिम है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — राधा कृष्ण पाल 39.3% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | राधा कृष्ण पाल निर्दलीय | निर्दलीय | 14,82162.4% |
| 2 | पशुपति भट्टाचार्य | 5,49123.1% | |
| 3 | हरि शंकर मुखोपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4626.2% |
| 4 | सुशील कुमार राय | 7523.2% | |
| 5 | अनूप कृष्ण मुखोपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 3461.5% |
| 6 | सानुकूल चन्द्र पान निर्दलीय | निर्दलीय | 3271.4% |
| 7 | वैद्य़ नाथ लाहा निर्दलीय | निर्दलीय | 2701.1% |
| 8 | फणीन्द्र नाथ मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 1920.8% |
| 9 | शैलेश्वर पाल | 1060.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
एक निर्दलीय और INC को 85% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.23 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।