केतुग्रामविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
तारापद बंद्योपाध्याय (HMS) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 37.4% वोट पाकर केतुग्राम सीट जीती और ए. कासिम (INC) को 69 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 122 पांशकुड़ा पश्चिम है।
विजेता
केतुग्राम का फ़ैसला सिर्फ़ 0.2% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 69 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | तारापद बंद्योपाध्याय | 11,60637.4% | |
| 2 | ए. कासिम | 11,53737.2% | |
| 3 | शिब नाथ बंद्योपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 3,44911.1% |
| 4 | वैद्य़ नाथ मंडल KMPP | KMPP | 1,8646.0% |
| 5 | श्याम रंजन चट्टोपाध्याय | 1,7585.7% | |
| 6 | ब्योमकेश भट्टाचार्य FBL(RG) | FBL(RG) | 8092.6% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 86% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.35 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।