माणिकतलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
रणेंद्र नाथ सेन (CPI) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 47.9% वोट पाकर माणिकतला सीट जीती और नरेन्द्र नाथ दलाल (INC) को 4,533 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 171 बसीरहाट है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — रणेंद्र नाथ सेन 23.5% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | रणेंद्र नाथ सेन | 9,22147.9% | |
| 2 | नरेन्द्र नाथ दलाल | 4,68824.4% | |
| 3 | धना कृष्ण अधिकारी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,4087.3% |
| 4 | भोला नाथ चटर्जी SP | SP | 1,0755.6% |
| 5 | मानिन्द्र नाथ मुखार्जी | 6743.5% | |
| 6 | महादेब साव | 6173.2% | |
| 7 | भबेश चन्द्र दास निर्दलीय | निर्दलीय | 4622.4% |
| 8 | स्वदेश गुप्ता KMPP | KMPP | 3441.8% |
| 9 | संतोष बोस निर्दलीय | निर्दलीय | 1881.0% |
| 10 | अनिल चन्द्र बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 1800.9% |
| 11 | नलिनी कान्ता गूह | 1640.8% | |
| 12 | देबेश रंजन दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1600.8% |
| 13 | हीरेंद्र नाथ मौलिक RRP | RRP | 750.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.33 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।