बड़तलाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
निर्मल चन्द्र दे (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 29.6% वोट पाकर बड़तला सीट जीती और सुधीर चन्द्र राय चौधुरी (KMPP) को 92 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 166 जयनगर है।
विजेता
बड़तला का फ़ैसला सिर्फ़ 0.4% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 92 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | निर्मल चन्द्र दे | 6,68229.6% | |
| 2 | सुधीर चन्द्र राय चौधुरी KMPP | KMPP | 6,59029.2% |
| 3 | नीलांबर चटर्जी | 4,90621.7% | |
| 4 | हेमेन्द्र प्रसाद घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 2,67811.9% |
| 5 | रामा नाथ घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 9104.0% |
| 6 | सत्येन्द्र नाथ बसु निर्दलीय | निर्दलीय | 2731.2% |
| 7 | नीरेंद्र मजुमदार निर्दलीय | निर्दलीय | 2531.1% |
| 8 | बांकु बिहारी घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 1720.8% |
| 9 | सत्येन्द्र सेन RRP | RRP | 1190.5% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।