जयनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1957
1957 के विधान सभा चुनाव में जयनगर से 2 सदस्य चुने गए: सुबोध बनर्जी (निर्दलीय) और रेणुपद हालदार (निर्दलीय)।
1957 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1951 में सीट नंबर 166 बड़तला थी। 1957 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 से सीट नंबर 166 चंद्रकोना है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
6.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुबोध बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 22,93320.4% |
| 2 | रेणुपद हालदार निर्दलीय | निर्दलीय | 16,66814.8% |
| 3 | सुहृत गोपाल दत्ता | 15,66913.9% | |
| 4 | शैलेंद्र नाथ हैदर निर्दलीय | निर्दलीय | 14,81913.2% |
| 5 | काज़े मोहम्मद अब्दुल्ला निर्दलीय | निर्दलीय | 14,40212.8% |
| 6 | दीनतारण मणि | 13,14911.7% | |
| 7 | श्रीधर चन्द्र मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 4,6664.2% |
| 8 | ज्ञानतोष चक्रवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 4,1053.6% |
| 9 | अनिल मिस्त्री निर्दलीय | निर्दलीय | 3,3333.0% |
| 10 | दिबाकर हालदार निर्दलीय | निर्दलीय | 2,6592.4% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 61% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 7.41 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।