बेलगछियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
गणेश घोष (CPI) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 43.9% वोट पाकर बेलगछिया सीट जीती और सुधीर कुमार दे (INC) को 4,108 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 170 हासनाबाद है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — गणेश घोष 19.0% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
13 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | गणेश घोष | 9,48943.9% | |
| 2 | सुधीर कुमार दे | 5,38124.9% | |
| 3 | गणपति सुर निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8138.4% |
| 4 | हीरेंद्र कुमार गांगुली KMPP | KMPP | 1,2485.8% |
| 5 | बलाई बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 7793.6% |
| 6 | पंचानन चक्रवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 6733.1% |
| 7 | जतीन्द्र चक्रवर्ती | 5712.6% | |
| 8 | सत्यब्रत घोष | 5562.6% | |
| 9 | धीरेश चक्रवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 4151.9% |
| 10 | योगेश चन्द्र घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 3551.6% |
| 11 | नरेश चन्द्र बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 2301.1% |
| 12 | रामदास कर निर्दलीय | निर्दलीय | 510.2% |
| 13 | पंचानन घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 460.2% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 77% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.71 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।