कटवाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
सुबोध चौधुरी (CPI) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 35.1% वोट पाकर कटवा सीट जीती और बसन्त कुमार बंद्योपाध्याय (INC) को 2,070 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 120 कांथी उत्तर है।
विजेता
7.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सुबोध चौधुरी | 10,03535.1% | |
| 2 | बसन्त कुमार बंद्योपाध्याय | 7,96527.9% | |
| 3 | शंभू काली भट्टाचार्जी | 3,18411.1% | |
| 4 | कमलापति चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,90610.2% |
| 5 | द्विजपद कुंडू | 2,7829.7% | |
| 6 | गुणेंद्र नाथ मुखोपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 9503.3% |
| 7 | अशोक कुमार बंद्योपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 7662.7% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 74% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.26 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।