नाकाशीपाड़ाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
जगन्नाथ मजुमदार (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 45.7% वोट पाकर नाकाशीपाड़ा सीट जीती और जनाब बदरद्दीन (निर्दलीय) को 4,764 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 126 नंदीग्राम दक्षिण है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — जगन्नाथ मजुमदार 19.9% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | जगन्नाथ मजुमदार | 10,96545.7% | |
| 2 | जनाब बदरद्दीन निर्दलीय | निर्दलीय | 6,20125.9% |
| 3 | शंकर प्रेम चैतन्य ब्रह्मचारी शंकर प्रेम चैतन्य ब्रह्मचारी निर्दलीय | निर्दलीय | 2,41710.1% |
| 4 | शैलेंद्र नाथ दास गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6456.9% |
| 5 | रबीन्द्र कुमार बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,1144.6% |
| 6 | सावित्री देवी निर्दलीय | निर्दलीय | 9684.0% |
| 7 | दुर्गादास भट्टाचार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 6762.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.39 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।