कृष्णनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
बिजय लाल चट्टोपाध्याय (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 53.2% वोट पाकर कृष्णनगर सीट जीती और ज्योति प्रकाश घोष (निर्दलीय) को 6,865 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 128 मयना है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बिजय लाल चट्टोपाध्याय 36.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बिजय लाल चट्टोपाध्याय | 10,02653.2% | |
| 2 | ज्योति प्रकाश घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 3,16116.8% |
| 3 | प्रोमोदेरंजन सेन गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 1,97510.5% |
| 4 | पूर्णेंदु मुखार्जी SP | SP | 1,7839.5% |
| 5 | गोबिंदपद दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1,3227.0% |
| 6 | अक्षय कुमार मजुमदार निर्दलीय | निर्दलीय | 5753.0% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, एक निर्दलीय और एक निर्दलीय को 80% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.97 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।