खयराशोलविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
बंदोपाध्याय खगेंद्र नाथ (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 28.2% वोट पाकर खयराशोल सीट जीती और चट्टोपाध्याय सत्येंद्र मोहन (KMPP) को 204 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 33 मुर्शिदाबाद है।
विजेता
खयराशोल का फ़ैसला सिर्फ़ 1.0% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 204 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बंदोपाध्याय खगेंद्र नाथ | 5,85328.2% | |
| 2 | चट्टोपाध्याय सत्येंद्र मोहन KMPP | KMPP | 5,64927.2% |
| 3 | मित्र राधा दामोदर | 5,43026.2% | |
| 4 | सरकार सुरेन्द्र नाथ SP | SP | 2,17210.5% |
| 5 | मुक्केरजी देवेन्द्र कुमार निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6387.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 82% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।