बरानगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
ज्योति बसु (CPI) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 56.2% वोट पाकर बरानगर सीट जीती और राय हरेन्द्र नाथ चौधुरी (INC) को 5,429 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 150 कालीघाट है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — ज्योति बसु 21.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ज्योति बसु | 13,96856.2% | |
| 2 | राय हरेन्द्र नाथ चौधुरी | 8,53934.4% | |
| 3 | धीरेन्द्र नाथ चटर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,5246.1% |
| 4 | मणि भूषण चटर्जी SP | SP | 2811.1% |
| 5 | हरि भूषण चट्टोपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 2571.0% |
| 6 | अशोक दास गुप्ता KMPP | KMPP | 1570.6% |
| 7 | निखिल दास | 660.3% | |
| 8 | शैलेंद्र कुमार मुखोपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 640.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPI और INC को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.28 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।