टॉलीगंज (उत्तर)विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
प्रिया रंजन सेन (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 27.1% वोट पाकर टॉलीगंज (उत्तर) सीट जीती और प्रफुल्ल चन्द्र घोष (KMPP) को 639 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 181 टीटागढ़ है।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। प्रिया रंजन सेन 2.7% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | प्रिया रंजन सेन | 6,28527.1% | |
| 2 | प्रफुल्ल चन्द्र घोष KMPP | KMPP | 5,64624.3% |
| 3 | लीला राय FBL(RG) | FBL(RG) | 4,49919.4% |
| 4 | बिस्वनाथ दुबे BPI | BPI | 4,18318.0% |
| 5 | रमेश चन्द्र मजूमदार | 1,7837.7% | |
| 6 | ज्योतिष चन्द्र मैत्र निर्दलीय | निर्दलीय | 4572.0% |
| 7 | रामपद चटर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 3111.3% |
| 8 | भूपाल चन्द्र राय चौधुरी निर्दलीय | निर्दलीय | 750.3% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 71% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.79 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।