बलागढ़विधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
बृन्दावन चट्टोपाध्याय (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 35.3% वोट पाकर बलागढ़ सीट जीती और निर्मल कुमार सेन (KMPP) को 3,006 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 108 बिनपुर है।
विजेता
12.0% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
8 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बृन्दावन चट्टोपाध्याय | 8,80735.3% | |
| 2 | निर्मल कुमार सेन KMPP | KMPP | 5,80123.3% |
| 3 | गोपेश चन्द्र मल्लिक | 5,67722.8% | |
| 4 | रबीन्द्र नाथ दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1,7086.8% |
| 5 | मानिन्द्र नाथ चटर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 1,2905.2% |
| 6 | सती प्रसाद राय | 9313.7% | |
| 7 | कामिनी कुमार बनर्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 5282.1% |
| 8 | गोस्तो बिहारी मल्लिक निर्दलीय | निर्दलीय | 2110.8% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 81% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 4.17 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।