वाटगंजविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1951–52
काली मुखार्जी (INC) ने 1951–52 के विधान सभा चुनाव में 65.6% वोट पाकर वाटगंज सीट जीती और शिशिर रंजन राय (BPI) को 6,402 वोटों से हराया।
1951 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1957 से सीट नंबर 183 भाटपाड़ा है।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — काली मुखार्जी 40.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | काली मुखार्जी | 10,38865.6% | |
| 2 | शिशिर रंजन राय BPI | BPI | 3,98625.2% |
| 3 | अधीर चन्द्र बनर्जी SP | SP | 8625.4% |
| 4 | गोया दीन राम निर्दलीय | निर्दलीय | 2731.7% |
| 5 | प्रसाद बैजनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 1871.2% |
| 6 | किशोरी लाल निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.9% |
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और BPI को 91% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.01 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
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RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।