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पश्चिम बंगाल · विधान सभा सीट नंबर 200

पांशकुड़ा पश्चिमविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996

चित्ता रंजन दास ठाकुर (CPI) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 47.0% वोट पाकर पांशकुड़ा पश्चिम सीट जीती और खान जकीउर रहमान (INC) को 3,454 वोटों से हराया।

1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 200 रामनगर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 200 आरामबाग है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।

विजेता

चित्ता रंजन दास ठाकुर
CPI· वाम मोर्चा
CPI 47.0%INC 44.2%4 अन्य 8.8%
मिले वोट
57,644
मतों का 47.0%
जीत का अंतर
3,454
कुल वोटों का 2.8%
उम्मीदवार
6
मतदान प्रतिशत
86.3%
1,41,981 मतदाताओं में से

नज़दीकी मुक़ाबला। चित्ता रंजन दास ठाकुर 2.8% के अंतर से जीते।

सीट का इतिहास

सभी उम्मीदवार

6 उम्मीदवार
#उम्मीदवारपार्टीमिले वोट · %
1
चित्ता रंजन दास ठाकुर
वाम मोर्चा
वाम मोर्चा
57,64447.0%
2
खान जकीउर रहमान
54,19044.2%
3
बिष्णु पद कुइटी
5,5304.5%
4
अजीत भौमिक
निर्दलीय
निर्दलीय
4,8263.9%
5
निशीथ मैती
निर्दलीय
निर्दलीय
1990.2%
6
साधन पट्टनायेक
AMB
AMB
1830.1%

परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।

नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।

सीट का इतिहास लोड हो रहा है…

यह सीट कितनी पक्की है?

इस सीट के आंकड़े
2.8%

जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में

कितने लोगों ने वोट डाला?

इस सीट के आंकड़े
86%

पंजीकृत मतदाताओं में से

कमज़्यादा

मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?

इस सीट के आंकड़े
दो या तीन दल

CPI, INC और BJP को 96% वोट मिले।

मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.38

सदन में किसके पास कितनी सीटें?

इस सीट के आंकड़े
294 सीटें · बहुमत का आँकड़ा 148

वोट किस तरह बँटे?

इस सीट के आंकड़े
47.0%CPI की जीत
CPI 47.0%INC 44.2%अन्य 8.8%

यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।

राज्य के आँकड़े पूछें

RBI 2024-25

ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।

पांशकुड़ा पश्चिम से कौन जीता, 1977–2006

1977 से यहाँ हर चुनाव CPI ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.2% से घटकर 47.0% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 77.8% से बढ़कर 86.3% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी CPI ने यह सीट अपने पास रखी।

  1. 1977सेख ओमकार अली (CPI), जीत का अंतर 1.0%
  2. 1982उमर अली (CPI), जीत का अंतर 27.0%
  3. 1987उमर अली (CPI), जीत का अंतर 25.2%
  4. 1991उमर अली (CPI), जीत का अंतर 25.7%
  5. 1996चित्ता रंजन दास ठाकुर (CPI), जीत का अंतर 2.8%
  6. 2001चित्तरंजन दासठाकुर (CPI), जीत का अंतर 4.9%
  7. 2006चित्तरंजन दासठाकुर (CPI), जीत का अंतर 19.9%