रामनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1972
हेमंत दत्त (INC) ने 1972 के विधान सभा चुनाव में 55.6% वोट पाकर रामनगर सीट जीती और करण रोहिणी (CPM) को 15,942 वोटों से हराया।
1967 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1962 में सीट नंबर 200 बलरामपुर थी। 1972 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1977 से सीट नंबर 200 पांशकुड़ा पश्चिम है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — हेमंत दत्त 35.8% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
5 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | हेमंत दत्त कांग्रेस (आर) | कांग्रेस (आर) | 24,76355.6% |
| 2 | करण रोहिणी वाम दल | वाम दल | 8,82119.8% |
| 3 | राधागोबिंद बिशाल | 5,05911.4% | |
| 4 | बलाई लाल दास महारात्र निर्दलीय | निर्दलीय | 3,7758.5% |
| 5 | कुलरंजन दास | 2,1034.7% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPM और NCO को 87% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.70 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
रामनगर से कौन जीता, 1967–1972
INC ने यह सीट NCO से छीन ली, जिसने इसे 1971 में जीता था; INC ने यहाँ पिछली बार 1967 में जीत दर्ज की थी। 1967 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत लगभग 1971 जितना ही रहा: 51.9%।