पानीहाटीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
निर्मल घोष (INC) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 46.2% वोट पाकर पानीहाटी सीट जीती और तानिया चक्रवर्ती (बसु) (CPM) को 869 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 135 कवितीर्थ थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 135 मंदिरबाजार है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
पानीहाटी का फ़ैसला सिर्फ़ 0.6% के बेहद मामूली अंतर से हुआ — विजेता और दूसरे नंबर पर रहे उम्मीदवार के बीच 869 से भी कम वोटों का फ़ासला था।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
6 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | निर्मल घोष | 72,57246.2% | |
| 2 | तानिया चक्रवर्ती (बसु) वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 71,70345.6% |
| 3 | महादेब बसाक | 11,3447.2% | |
| 4 | निर्मल कान्ति सरकार | 9740.6% | |
| 5 | सुकुमार बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 2900.2% |
| 6 | तपन चक्रवर्ती SLAP | SLAP | 2840.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPM और BJP को 99% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.34 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
पानीहाटी से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1991 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह INC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 73.4% से बढ़कर 80.1% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट AITC ने जीती।
- 1977गोपाल कृष्ण भट्टाचार्य्या (CPM), जीत का अंतर 30.7%
- 1982गोपाल कृष्ण भट्टाचार्य्या (CPM), जीत का अंतर 15.3%
- 1987गोपालकृष्ण भट्टाचार्य (CPM), जीत का अंतर 1.3%
- 1991तानिया चक्रवर्ती (CPM), जीत का अंतर 5.3%
- 1996निर्मल घोष (INC), जीत का अंतर 0.6%
- 2001निर्मल घोष (AITC), जीत का अंतर 9.2%
- 2006गोपाल कृष्ण भट्टाचार्य्या (CPM), जीत का अंतर 2.5%