कृष्णनगर पूर्वविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
शिबदास मुखार्जी (INC) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 46.1% वोट पाकर कृष्णनगर पूर्व सीट जीती और राधानाथ बिस्वास (CPM) को 2,885 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 75 राणाघाट पूर्व थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 75 डोमकल है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। शिबदास मुखार्जी 2.1% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
11 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | शिबदास मुखार्जी | 62,06646.1% | |
| 2 | राधानाथ बिस्वास वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 59,18144.0% |
| 3 | मोनिका बिस्वास | 8,6456.4% | |
| 4 | चित्ता रंजन भौमिक | 1,6551.2% | |
| 5 | कमल दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 7700.6% |
| 6 | समीर बनर्जी CPI(ML)(L) | CPI(ML)(L) | 5840.4% |
| 7 | देबदास हालदार AMB | AMB | 4510.3% |
| 8 | ब्रजेन घोष AIIC(T) | AIIC(T) | 4320.3% |
| 9 | सुब्रत कुमार बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 2930.2% |
| 10 | अमुल्य चक्रवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 2670.2% |
| 11 | मधु सूदन राय SLAP | SLAP | 1690.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC, CPM और BJP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.43 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
कृष्णनगर पूर्व से कौन जीता, 1977–2006
INC ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 40.8% से बढ़कर 46.1% हो गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 76.2% से बढ़कर 80.3% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट AITC ने जीती।
- 1977काशीकांत मैत्र (JNP), जीत का अंतर 0.4%
- 1982साधन चट्टोपाध्याय वाई. (CPM), जीत का अंतर 14.3%
- 1987साधन चट्टोपाध्याय (CPM), जीत का अंतर 2.3%
- 1991शिबदास मुखार्जी (INC), जीत का अंतर 2.9%
- 1996शिबदास मुखार्जी (INC), जीत का अंतर 2.1%
- 2001मुखार्जी शिबदास (AITC), जीत का अंतर 12.0%
- 2006घोष सुबिनय (भजन) (CPM), जीत का अंतर 0.4%