सातगछियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
ज्योति बसु (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 48.7% वोट पाकर सातगछिया सीट जीती और बाग चित्ता रंजन (INC) को 11,110 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 117 सागर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 117 राजारहाट गोपालपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
9.2% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | ज्योति बसु वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 58,59748.7% |
| 2 | बाग चित्ता रंजन | 47,48739.5% | |
| 3 | मुजफ्फर खान | 10,6868.9% | |
| 4 | घोष तिमिर बरन निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8621.6% |
| 5 | अब्दुल अजीज | 8160.7% | |
| 6 | मदन मोहन दास | 4100.3% | |
| 7 | स्वपन दे निर्दलीय | निर्दलीय | 2450.2% |
| 8 | अभिजीत घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 1490.1% |
| 9 | श्यामल दास निर्दलीय | निर्दलीय | 950.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
CPM, INC और BJP को 97% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.49 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सातगछिया से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 54.1% से घटकर 48.7% रह गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 77.2% से बढ़कर 81.8% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट AITC ने जीती।