सातगछियाविधान सभा चुनाव का परिणाम, 2001
सोनाली गूह (AITC) ने 2001 के विधान सभा चुनाव में 46.6% वोट पाकर सातगछिया सीट जीती और गोकुल बैरागी (CPM) को 6,011 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 117 सागर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 117 राजारहाट गोपालपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। सोनाली गूह 5.0% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
7 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सोनाली गूह AITC + INC | AITC + INC | 56,32546.6% |
| 2 | गोकुल बैरागी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 50,31441.7% |
| 3 | शिबाजी दास गुप्ता | 4,5523.8% | |
| 4 | छामचुल आलम शेख (कलाम) | 4,5133.7% | |
| 5 | देबाशीष बंद्योपाध्याय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,8611.5% |
| 6 | तिमिर बरन घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 1,6391.4% |
| 7 | अनुराधा पुततुंडा PDS | PDS | 1,5251.3% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
AITC, CPM और BJP को 92% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.53 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
सातगछिया से कौन जीता, 1977–2006
AITC ने यह सीट CPM से छीन ली, जिसने इसे 1996 में जीता था; इस सीट के रिकॉर्ड में, जो 1977 से शुरू होता है, यह AITC की पहली जीत थी। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1996 के 81.8% से घटकर 76.1% रह गया। इसके बाद 2006 के चुनाव में भी AITC ने यह सीट अपने पास रखी।