अशोकनगरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
नीरोद राय चौधुरी (CPM) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 45.1% वोट पाकर अशोकनगर सीट जीती और धीमान राय (INC) को 18,509 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 88 बसीरहाट थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 88 कृष्णगंज है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
13.5% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
12 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नीरोद राय चौधुरी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 61,78945.1% |
| 2 | धीमान राय | 43,28031.6% | |
| 3 | केशव भट्टाचार्य्या निर्दलीय | निर्दलीय | 18,40813.4% |
| 4 | बासुदेब चंदा | 9,6707.1% | |
| 5 | अंगसुमाली बरई | 1,7761.3% | |
| 6 | दिपक देबनाथ निर्दलीय | निर्दलीय | 5420.4% |
| 7 | अनिमा बसु | 5130.4% | |
| 8 | हरिपद घोष निर्दलीय | निर्दलीय | 4390.3% |
| 9 | हिरण्मय मुखार्जी निर्दलीय | निर्दलीय | 1900.1% |
| 10 | बीरेन्द्र दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1500.1% |
| 11 | रतन साधुखां निर्दलीय | निर्दलीय | 1340.1% |
| 12 | बिस्वजीत चक्रवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 930.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, कई दलों में बँटा मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
सबसे आगे के तीन दलों को 90% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 3.06 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अशोकनगर से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव CPM ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 43.3% से बढ़कर 45.1% हो गया। मतदान प्रतिशत 1991 के 80.4% से बढ़कर 83.8% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी CPM ने यह सीट अपने पास रखी।