श्यामपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
संजीव कुमार दास (INC) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 48.5% वोट पाकर श्यामपुर सीट जीती और जलधर सामंत (FBL) को 3,527 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 172 चंदननगर थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 172 शिबपुर है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
नज़दीकी मुक़ाबला। संजीव कुमार दास 2.9% के अंतर से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | संजीव कुमार दास | 59,08148.5% | |
| 2 | जलधर सामंत | 55,55445.6% | |
| 3 | सौम्येंदु काहनरा | 5,0974.2% | |
| 4 | बासुदेव मंडल निर्दलीय | निर्दलीय | 5860.5% |
| 5 | निखिल कबिराज निर्दलीय | निर्दलीय | 3800.3% |
| 6 | ज्ञान रंजन सामंत निर्दलीय | निर्दलीय | 3420.3% |
| 7 | मोल्ला जहांगीर IDPP | IDPP | 2760.2% |
| 8 | सेख अब्दुल कलाम निर्दलीय | निर्दलीय | 2590.2% |
| 9 | मनोरंजन मजूमदार | 1380.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
नज़दीकी मुक़ाबला, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और FBL को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.24 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
श्यामपुर से कौन जीता, 1977–2006
INC ने 1991 में जीती यह सीट फिर से अपने पास रखी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 50.2% से घटकर 48.5% रह गया। यह 1977 के बाद यहाँ का सबसे कड़ा मुक़ाबला था। मतदान प्रतिशत 1991 के 77.2% से बढ़कर 81.9% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट AITC ने जीती।