मयनागुड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
बच्चा मोहन राय (RSP) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 54.2% वोट पाकर मयनागुड़ी सीट जीती और मन्मथ राय बसुनिया (INC) को 23,685 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 17 माल थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 17 जलपाईगुड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — बच्चा मोहन राय 19.4% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | बच्चा मोहन राय वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 66,15354.2% |
| 2 | मन्मथ राय बसुनिया | 42,46834.8% | |
| 3 | नारायण चन्द्र राय | 11,4229.4% | |
| 4 | नरेन्द्र नाथ बर्मन निर्दलीय | निर्दलीय | 4020.3% |
| 5 | सुरेश चन्द्र राय निर्दलीय | निर्दलीय | 3710.3% |
| 6 | चक्रधर राय निर्दलीय | निर्दलीय | 3340.3% |
| 7 | गोविन्द राय FB(S) | FB(S) | 2950.2% |
| 8 | सनत चन्द्र राय AMB | AMB | 2870.2% |
| 9 | मधु सूदन राय निर्दलीय | निर्दलीय | 2550.2% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
RSP, INC और BJP को 98% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.36 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मयनागुड़ी से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव RSP ने जीता है: यह लगातार उसकी पाँचवीं जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 48.3% से बढ़कर 54.2% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 77.5% से बढ़कर 84.5% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में भी RSP ने यह सीट अपने पास रखी।