मयनागुड़ीविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1991
नित्यानंद अधिकारी (RSP) ने 1991 के विधान सभा चुनाव में 48.3% वोट पाकर मयनागुड़ी सीट जीती और मन्मथ राय बसुनिया (INC) को 12,094 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 17 माल थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 17 जलपाईगुड़ी है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
12.1% के अंतर से साफ़ जीत।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
10 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | नित्यानंद अधिकारी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 48,31948.3% |
| 2 | मन्मथ राय बसुनिया | 36,22536.2% | |
| 3 | कृष्ण रंजन राय | 11,24411.2% | |
| 4 | श्री चक्रधर राय निर्दलीय | निर्दलीय | 1,0081.0% |
| 5 | करिपद राय लस्कर IPF | IPF | 6740.7% |
| 6 | श्यामल बसुनिया निर्दलीय | निर्दलीय | 6110.6% |
| 7 | मलिन राय प्रधान CPI(ML) | CPI(ML) | 5670.6% |
| 8 | सुरेश चन्द्र राय निर्दलीय | निर्दलीय | 5400.5% |
| 9 | शांति कुमार सरकार | 4550.5% | |
| 10 | शांति चन्द्र राय AMB | AMB | 3940.4% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
साफ़ जीत, दो से तीन दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
RSP, INC और BJP को 96% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.65 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
मयनागुड़ी से कौन जीता, 1977–2006
1977 से यहाँ हर चुनाव RSP ने जीता है: यह लगातार उसकी चौथी जीत थी। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 52.4% से घटकर 48.3% रह गया। मतदान प्रतिशत 1987 के 72.7% से बढ़कर 77.5% हो गया। इसके बाद 1996 के चुनाव में भी RSP ने यह सीट अपने पास रखी।