अलीपुरविधान सभा चुनाव का परिणाम, 1996
सौगत राय (INC) ने 1996 के विधान सभा चुनाव में 58.7% वोट पाकर अलीपुर सीट जीती और रथींद्रनाथ रायचौधुरी (CPM) को 20,711 वोटों से हराया।
1977 के चुनाव से पहले सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 1972 में सीट नंबर 148 माणिकतला थी। 2006 के बाद सीटों की सीमाएँ नए सिरे से तय की गईं। 2011 से सीट नंबर 148 भांगड़ है। इस इलाक़े के पहले के परिणामों के लिए सीट का इतिहास देखें।
विजेता
सुरक्षित अंतर से जीत — सौगत राय 23.6% से जीते।
सीट का इतिहास
सभी उम्मीदवार
9 उम्मीदवार| # | उम्मीदवार | पार्टी | मिले वोट · %मतों का हिस्सा |
|---|---|---|---|
| 1 | सौगत राय | 51,59058.7% | |
| 2 | रथींद्रनाथ रायचौधुरी वाम मोर्चा | वाम मोर्चा | 30,87935.1% |
| 3 | तपन धर | 4,5115.1% | |
| 4 | सुनील कु. गुप्ता निर्दलीय | निर्दलीय | 3180.4% |
| 5 | रत्ना दत्त निर्दलीय | निर्दलीय | 1910.2% |
| 6 | रामकृष्ण बिस्वास निर्दलीय | निर्दलीय | 1250.1% |
| 7 | चंडी चरण दास निर्दलीय | निर्दलीय | 1040.1% |
| 8 | परेश चक्रवर्ती निर्दलीय | निर्दलीय | 890.1% |
| 9 | तृप्ति दास निर्दलीय | निर्दलीय | 700.1% |
ज़मानत ज़ब्त: उम्मीदवार को कुल वैध वोटों के छठे हिस्से से कम वोट मिले, इसलिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 158 के तहत उसकी ज़मानत राशि ज़ब्त हो जाती है।
परिणाम पूरे हैं; इस सीट के चुनावी हलफ़नामों की जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
सुरक्षित अंतर, असल में दो दलों का मुक़ाबला।
यह सीट कितनी पक्की है?
जीत का अंतर, कुल वोटों के प्रतिशत में
कितने लोगों ने वोट डाला?
पंजीकृत मतदाताओं में से
मुक़ाबले में असल में कितने दल थे?
INC और CPM को 94% वोट मिले।
मुक़ाबले में दलों की प्रभावी संख्या 2.12 दलों की प्रभावी संख्या — यह हर दल को उसके मतों के हिस्से के हिसाब से गिनती है।
सदन में किसके पास कितनी सीटें?
वोट किस तरह बँटे?
यह सीट नंबर 2011 से दोबारा इस्तेमाल हुआ है। हमारे पास मौजूद ज़िले के आँकड़े इस सीट को 2011 से लड़ी गई सीट मानते हैं, इसलिए पहले के चुनावों के लिए ये नहीं दिखाए जाते।
राज्य के आँकड़े पूछें
RBI 2024-25ये आँकड़े पूरे राज्य के हैं, इस सीट के नहीं।
अलीपुर से कौन जीता, 1977–2006
INC ने यहाँ लगातार चौथी बार जीत दर्ज की; जीत का यह सिलसिला 1982 में शुरू हुआ था। उसे मिले वोटों का प्रतिशत 55.2% से बढ़कर 58.7% हो गया। 1977 से अब तक यहाँ के किसी भी चुनाव में यह सबसे एकतरफ़ा नतीजा था। मतदान प्रतिशत 1991 के 61.6% से बढ़कर 67.0% हो गया। इसके बाद 2001 के चुनाव में यह सीट AITC ने जीती।